अगर मैं हिजड़ा होता तो क्या होता? एक ऐसा सवाल जो मज़ाक लगता है, लेकिन सच में सिस्टम को नंगा कर देता है ज़रा रुककर सोचो। ईमानदारी से, बिना हँसे। अगर मैं हिजड़ा होता — तो क्या मैं वही इंसान नहीं रहता जो आज हूँ? वही दिमाग, वही सपने…
आस्था और अंधविश्वास: कैसे पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ता है विश्वास का भ्रम परंपरा चैप्टर 1. आइए, आज हम आपको बताते हैं कि अविश्वास कैसे पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है। हज़ारों साल पहले, जब इंसानों के पास कुछ नहीं था, न भाषा, न घर, न बिजली,…